Practical notes for families looking after the health of the people they love.
दूरी, टाइम ज़ोन और अपराधबोध इसे मुश्किल बना देते हैं। यहाँ बताया है कि विदेश से देखभाल का एक ऐसा ढाँचा कैसे बनाएँ जो सचमुच काम करे।
छूटी हुई दवाएं अक्सर चुपचाप होती हैं। जानिए वे संकेत जिनसे पता चलता है कि आपके माता-पिता दवाएं भूल रहे हैं — और क्या करें।
यह बातचीत नाज़ुक लग सकती है। यहाँ बताया है कि इसे एक साझा योजना की तरह कैसे उठाएँ, किसी दख़लअंदाज़ी की तरह नहीं।
जब माता-पिता कई दवाइयाँ ले रहे हों, तो असली मुश्किल उनका तालमेल बिठाना होता है। यहाँ बताया है कि एक शांत रूटीन कैसे बनाएँ जो अपने आप चले।
आप हर दवा के समय वहाँ मौजूद नहीं रह सकते। एक आसान रिमाइंडर-और-अलर्ट रूटीन आप दोनों को मन की शांति दे सकता है।
भारत में दवा नियमित न लेने से हर साल भारी नुकसान होता है — सेहत का भी और पैसे का भी। जानिए क्यों और क्या करें।