Practical notes for families looking after the health of the people they love.
एक खुराक छूटना आम तौर पर संकट नहीं है, पर 'दो एक साथ ले लो' कई बार बिल्कुल ग़लत होता है। कितनी देर बाद पता चला, उसके हिसाब से क्या करें।
परिवार का संदेशवाहक बनना बंद करें। हर भाई-बहन को माता-पिता की सेहत की एक ही तस्वीर कैसे दें, बिना दस बार फ़ोन पर दोहराए।
जब दिन तय घड़ी से न चले, तो तय समय पर दवा लेना मुश्किल हो जाता है। नाइट शिफ्ट और बदलती ड्यूटी में टिकने वाला दवा शेड्यूल कैसे बनाएँ।
हफ़्ते वाला पिल बॉक्स गोलियाँ छाँट देता है, पर खुराक के वक़्त चुप रहता है। दोनों तरीक़े एक ही समस्या के अलग-अलग हिस्से क्यों सुलझाते हैं।
माता-पिता के लिए WhatsApp पर रोज़ का दवा रिमाइंडर कैसे सेट करें - कोई ऐप इंस्टॉल किए बिना, उसी फ़ोन पर जो वे पहले से चलाते हैं।
बुज़ुर्गों में BP, शुगर और वज़न कितना सामान्य माना जाता है, घर पर कितनी बार नापें, और कौन-सा नंबर डॉक्टर को दिखाने का संकेत है।